Gomata Mantra

यात्रा से पहले

यदि आप किसी महत्वपूर्ण यात्रा पर जा रहे हैं और सफल होकर लौटना चाहते है तो जाने से पहले गाय को भोजन कराकर जाएं और यदि यात्रा पर निकलते समय अचानक रास्ते में कोई गाय सामने आ जाए अथवा बछड़े को दूध पिलाती हुई सामने दिख जाए तो भी यात्रा सफल हो जाती है।

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गौ को रोटी दें

इसके अलावा गौ को रोटी देने से जन्मपत्री में यदि पितृदोष हो तो वह भी हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। अभी तक हमने आपको गौ माता से संबंधित कुछ आम ज्योतिषीय उपाय बताए, लेकिन क्या आपने गाय से जुड़ा कोई खास दिन सुना है? इस खास दिन को “गोप अष्टमी” कहते हैं । “गोप अष्टमी” के दिन ये खास काम करने से जीवन भर के लिए सुख-समृद्धि के मार्ग खुल जाते हैं।


जब गौ माता को रोटी दें तो इस मंत्र का उच्चारण करें-

त्वं माता सर्वदेवानां त्वं च यज्ञस्य कारणम्।
त्वं तीर्थं सर्वतीर्थानां नमस्तेऽस्तु सदानघे।।

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गोपाष्टमी पर इन मंत्रों और आरती से करें गौ माता का पूजन, प्रसन्न हो देंगी वरदान

गाय को सम्पूर्ण विश्व की माता कहा गया है। गोपाष्टमी पूजन मंत्र और आरती से सम्पूर्ण होती है। गोपाष्टमी का त्यौहार गौ माता की सेवा का मुख्य त्यौहार है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने सबसे पहले गौ चारण लीला की थी। तब से ही इस दिन को मनाने का विधान है।
गावो विश्वस्य मातरः गाय को सम्पूर्ण विश्व की माता कहा गया है। गोपाष्टमी पूजन मंत्र और आरती से सम्पूर्ण होती है।

गोपाष्टमी का त्यौहार गौ माता की सेवा का मुख्य त्यौहार है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने सबसे पहले गौ चारण लीला की थी। तब से ही इस दिन को मनाने का विधान है। इस दिन गौ माता की पूजा करने से 33 करोड़ देवी-देवताओं को पूजने का फल मिलता हैं। गोपाष्टमी पूजन का महत्व बहुत अधिक हैं।

गोपाष्टमी का मंत्र और आरती- गोपाष्टमी पूजन मंत्र
  • गौ पूजन मंत्र लक्ष्मीर्या लोकपालानां धेनुरूपेण संस्थिता।
  • घृतं वहति यज्ञार्थ मम पापं व्यपोहतु।।घृतक्षीरप्रदा गावो घृतयोन्यो घृतोद्भवाः।घृतनद्यो घृतावर्तास्ता मे सन्तु सदा गृहे॥घृतं मे हृदये नित्यं घृतं नाभ्यां प्रतिष्ठितम्।घृतं सर्वेषु गात्रेषु घृतं मे मनसि स्थितम्॥
  • गावो ममाग्रतो नित्यं गावः पृष्ठत एव च। गावो मे सर्वतश्चैव गवां मध्ये वसाम्यहम्॥ सुरूपा बहुरूपाश्च विश्वरूपाश्च मातरः। गावो मामुपतिष्ठन्तामिति नित्यं प्रकीर्तयेत्॥
  • यया सर्वमिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजङ्गमम्। तां धेनुं शिरसा वन्दे भूतभव्यस्य मातरम्॥
  • सर्वकामदुधे देवि सर्वतीर्थीभिषेचिनि। पावने सुरभि श्रेष्ठे देवि तुभ्यं नमोस्तुते ॥
गोपाष्टमी की आरती/ गौमाता की आरती

आरती श्री गौमता जी की आरती श्री गैय्या मैंय्या की। आरती हरनि विश्‍व धैय्या की।।
अर्थकाम सुद्धर्म प्रदायिनि अविचल अमल मुक्तिपददायिनि। सुर मानव सौभाग्यविधायिनि, प्यारी पूज्य नंद छैय्या।।
अख़िल विश्‍व प्रतिपालिनी माता, मधुर अमिय दुग्धान्न प्रदाता। रोग शोक संकट परित्राता भवसागर हित दृढ़ नैय्या की।।
आयु ओज आरोग्यविकाशिनि, दुख दैन्य दारिद्रय विनाशिनि। सुष्मा सौख्य समृद्धि प्रकाशिनि, विमल विवेक बुद्धि दैय्या की।।
सेवक जो चाहे दुखदाई, सम पय सुधा पियावति माई। शत्रु मित्र सबको दुखदायी, स्नेह स्वभाव विश्‍व जैय्या की।।

गाय से जुड़े शुभ शकुन

गाय का दरवाजे पर आकर रंभाना, दरवाजे को चांटना ये सभी शुभदायक होते हैं। यात्रा पर जाते समय गाय का दर्शन हो जाना शुभकारक होता है। घर के आंगन में बनी रंगोली पर गाय का पैर रखना बहुत शुभ माना गया है। गाय को रोज भोजन देने से नवग्रहों की शांति होती है।

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इस मंत्र के साथ गौ माता को प्रणाम करना चाहिए।

सर्वदेवमये देवि सर्वदेवैरलंकृते।
मातर्ममाभिलषितं सफलं कुरु नन्दिनि।।


इस तरह करें पूजा :-

इसके बाद गायों को गौ ग्रास देकर उनकी परिक्रमा करें और थोड़ी दूर तक उनके साथ जाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से सब प्रकार की अभिष्ठ सिद्धि होती है। इसी गोपाष्टमी को सायं काल के समय जब गाय चरकर वापस आएं, तो उस समय भी उनका आतिथ्य अभिवादन करें, कुछ भोजन कराएं और उनकी चरणरज को मस्तक पर धारण कर ललाट पर लगाएं तो जीवन में सौभाग्य की वृद्धि होती है।